2030 तक दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में होगा भारत
(i) विश्व की उदीयमान बाजारों की वृद्धि दर विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक रहने हैं और 2030 तक अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।
(ii) रिसर्च संस्था इकॉनमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) की इस रिपोर्ट के अनुसार, उदीयमान बाजारों की वृद्धि दर विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में ऊंची रहने की संभावना है
(iii) चीन और भारत जैसे विकासशील देश अमेरिका, जापान और पश्चिमी यूरोप जैसी मौजूदा आर्थिक ताकतों से भी आगे निकल सकते हैं|
(iv) ईआईयू के अनुसार नाम के लिए चीन का जीडीपी डॉलर के हिसाब से 2026 तक अमेरिका को पछाड़ सकता है और 2050 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रह सकता है।
(v) 2050 तक 10 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में इंडोनेशिया चौथे, जापान 5वें, जर्मनी 6ठे, ब्राजील 7वें, मैक्सिको 8वें, ब्रिटेन 9वें और फ्रांस 10वें स्थान पर रह सकता है।
(i) बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज 1-2 से गंवाने के बावजूद भारत ने आईसीसी वनडे रैंकिंग में दूसरा स्थान बरकरार रखा है, हालांकि भारत को दो अंकों का नुकसान हुआ है जबकि बांग्लादेश एक स्थान के सुधार के साथ आईसीसी की हालिया रैंकिंग में 7वें नंबर पर पहुंच गया.
(ii) मीरपुर में 2-1 से सीरीज जीतने के बाद बांग्लादेश के 93 अंक हो गए हैं. उसके अंक छठे स्थान पर काबिज इंग्लैंड से 5 अंक कम जबकि 8वें स्थान पर काबिज वेस्टइंडीज से 5 अंक अधिक है. मशरफे मुतर्जा की टीम 88 अंकों और आठवें स्थान के साथ सीरीज खेलने उतरी थी.
मशहूर पत्रकार प्रफुल्ल बिदवई का एमस्टर्डम में निधन
(i) प्रख्यात पत्रकार, लेखक और परमाणु विरोधी कार्यकर्ता प्रफुल्ल बिदवई की नीदरलैंड में रात का खाना खाने के दौरान मृत्यु हो गई। उनके गले में मांस का एक टुकड़ा फंस गया था।
(ii) दिल्ली के रहने वाले बिदवई 65 साल के थे।
(iii) उन्होंने ‘1999 न्यू न्यूक्स : इंडिया, पाकिस्तान एंड ग्लोबल न्यूक्लियर डिसआर्ममेंट’ सहित कई पुस्तकें भी लिखी हैं।
(iv) नागपुर में जन्में बिदवई ने कई साल तक ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में वरिष्ठ संपादक के पद पर काम किया। उन्होंने ‘फंट्रलाइन’ और ‘हिन्दुस्तान’ टाइम्स के लिए कई साल तक नियमित रूप से स्तंभ भी लिखे थे।
सबके लिए घर योजना की शुरुआत
(i) सरकार के स्मार्ट सिटी, अटल शहरी विकास परियोजना और सबके लिए आवास योजना की शुरुआत से उत्साहित निवेशकों की जोरदार लिवाली की बदौलत आज शेयर बाजार इस महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ।
(ii) बीएसई का सेंसेक्स 166.30 अंक अर्थात 0.60 प्रतिशत की छलांग लगाकर 01 जून के बाद के उच्चतम स्तर 27895.97 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 37.15 अंक यानि 0.44 प्रतिशत बढ़कर 8398 अंक पर रहा।
(iii) इस दौरान एफएमसीजी, आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और टेक समूह शुरुआती बिकवाली के दबाव से उबर नहीं सके
(iv) उनके शेयरों में 0.98 प्रतिशत तक की गिरावट रही जबकि लिवाली की बदौलत हेल्थकेयर, ऑटो, बैंकिंग, पीएसयू, धातु, तेल एवं गैस, पावर, रियल्टी और कैपिटल गुड्स समूह के शेयरों में 2.12 प्रतिशत तक की तेजी रही।
EPFO जुलाई से इक्विटी मार्केट में करेगा निवेश
(i) ट्रेड यूनियनों के विरोध के आगे झुके बगैर कर्मचारी संचय निधि संगठन (ईपीएफओ) अगले महीने से इक्विटी मार्केट में निवेश करेगा।
(ii) यह जानकारी श्रम मंत्री ने दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए सुधार पहल का एक हिस्सा है।
(iii) करीब 8 करोड़ सदस्यों के बल पर 6000 अरब रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ ईपीएफओ दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक है।
(iv) यह अधिक मुनाफा कमाना के उद्देश्य से एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करना शुरू करेगा।
यह कदम प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सुधार का एक हिस्सा है।
(v) अतीत में भी सरकार ने सरकार द्वारा संचालित भारतीय जीवन बीमा निगम की संपत्ति को खरीदकर इस पर अंकुश लगाया था, उसी तरह का मॉडल ईपीएफओ के मामले में भी अपनाया जा सकता है।
भारत में एफडीआई की धूम, 2014 में 22 प्रतिशत बढ़ी
(i) भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2014 में 22 प्रतिशत बढ़कर 34 अरब डॉलर हो गया और उम्मीद है
(ii) कि सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों के तहत विनिर्माण को बढ़ावा देने से यह रूझान बरकरार रहेगा। यह बात संयुक्त राष्ट्र की रपट में कही गई है।
(iii) व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र के संगठन (अंकटाड) विश्व निवेश रपट 2015 के अनुसार भारत के अच्छे प्रदर्शन के बदौलत दक्षिण एशिया में 2014 के दौरान एफडीआई प्रवाह बढ़कर 41 अरब डॉलर हो गया है।
(iv) भारत में एफडीआई की धूम, 2014 में 22 प्रतिशत बढ़ी रपट में कहा गया कि भारत में एफडीआई की तेजी 2015 में जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है।
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